Home राज्य उत्तर प्रदेश सरदार सेना के ‘बैकवर्ड आरक्षण बढ़ाओ जनान्दोलन’ में गूंजा 27 ना बटने देंगे 57 अब लेकर रहेंगे के नारे

सरदार सेना के ‘बैकवर्ड आरक्षण बढ़ाओ जनान्दोलन’ में गूंजा 27 ना बटने देंगे 57 अब लेकर रहेंगे के नारे

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बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष- पिछड़ों के साथ अन्याय नहीं रूका तो आन्दोलन होगा उग्र

कानपुर नगर। जनपद में बुधवार को सरदार सेना ने ‘बैकवर्ड आरक्षण बढ़ाओ जनान्दोलन’ किया। यह आंदोलन पिछड़ों के आरक्षण बढाने को लेकर किया गया। आंदोलन में सैकड़ों के संख्या में शामिल होकर अपने हक़ व अधिकारों के लिए लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन जनपद के राम गोपाल चौराहा बर्रा-8 से शुरू होकर पटेल प्रतिमा यशोदा नगर चौराहा बाईपास तक किया गया। लगभग 10 किलोमीटर तक लंबी पदयात्रा निकलने से शहर में जाम से स्थिति हो गयी थी। अपनी मांग को लेकर सभी संगठित लोग कचहरी जिला मुख्यालय पर पहुंचकर राष्ट्रपति व राज्यपाल महोदय को नामित ज्ञापन जिलाधिकारी द्वारा सौंप कर समापन किया।

इस दौरान सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एस. पटेल ने कहा कि जहा एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पिछड़ों के 27% आरक्षण को विभाजित करके प्राय: शून्य करने की साजिश रचा गया है वही दूसरी तरफ केन्द्र सरकार ने विश्वविद्यालयों में 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली लागू कर विश्वविद्यालयों से भी ओबीसी/एससी/एसटी के आरक्षण को समाप्त जैसा कर दिया है। जिसके खिलाफ सरदार सेना सामाजिक संगठन बैकवर्ड आरक्षण बढ़ाओ जनान्दोलन करके 27 न बटने देंगे- 57 अब लेकर रहेगें के साथ ही विश्वविद्यालयों में 200 पाइंट रोस्टर प्रणाली तत्काल लागू करने की मांग को लेकर आन्दोलन छेड़ दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरदार सेना बीते वर्षों में भी आरक्षण के मुद्दे पर आरक्षण बचाओ हूँकार रैली व आन्दोलन कर चुकी है। यदि पिछड़ों के साथ अन्याय नहीं रूका तो यह आन्दोलन उग्र होगा। सरदार सेना 27 ना बटने देंगे 57 अब लेकर रहेंगे के मुद्दे के साथ तथा 13 पाइंट रोस्टर के खिलाफ भी लड़ाई लड़ने जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ सालों से विश्वविद्यालयों में संपूर्ण वैकेंसी पर ओबीसी को 27% एससी को 15% और एसटी को 7.5%आरक्षण लागू होता था लेकिन कुछ दिन पहले केन्द्र सरकार द्वारा इसे हटाकर विभाग वार आरक्षण लागू कर दिया गया।

केन्द्र सरकार एवं न्यापालिका ने मिलकर देशभर के यूनिवर्सिटी में एससी/एसटी/ओबीसी का आरक्षण समाप्त कर दिया है बीते 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विभागवार आरक्षण को ही सही ठहराया है। मतलब साफ है कि विभागवार मतलब उच्च शिक्षण संस्थानों में सम्पूर्ण पिछड़े समाज का आरक्षण शून्य जैसा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उपरोक्त तमाम मुद्दों को लेकर सरदार सेना सामाजिक संगठन लगातार आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलित रही है। इस आन्दोलन के द्वारा सरदार सेना न्यायपालिका विधायिका पत्रकारिता सहित देशभर के सभी सरकारी एवं अर्द्धसरकारी अथवा संविदा के संस्थानों में निम्न से लेकर उच्च स्तर के सभी पदों पर पिछड़े और दलित के आबादी के अनुसार आरक्षण की मांग करेगी।

इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव आरडी पटेल, राष्ट्रीय सचिव सुधीर सिंह, संस्थापक सदस्य डा. जगदीश्वर पटेल, प्रदेश महासचिव सुरेश वर्मा, कानपुर मंडल अध्यक्ष सुरेश वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, कैलाश उमराव, अवधेश कटियार, नीरज पटेल, इन्दल यादव, सुबोध चौधरी, वेद उत्तम, गीता पटेल, अरविन्द सचान, आर.बी. कटियार, अनुज पटेल, मनोज पटेल, नागेंद्र सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे।

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